Legal Rights of a Landlord in India - ANISHAHIR

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Legal Rights of a Landlord in India

इस तरह हमें कई बार सुनने और देखने को मिलता है अगर कोई किराएदार एक प्रॉपर्टी पर एक लंबे अरसे से रह रहा है तो क्या वह किराएदार उस प्रॉपर्टी का मालिक बन सकता है या नहीं मेरा नाम है अनीशा हीर और आज की इस पोस्ट में मैं इसी चीज के बारे में आप लोगों को एक्सप्लेन करने वाला हूं चाहे कोई किराएदार किसी भी प्रॉपर्टी पर चाहे वह मकान हो दुकान हो या फिर आपका कोई खाली प्लॉट हो या फिर आपने किसी किराएदार को दिया हुआ कोई अपार्टमेंट हो उस पर वह एक लंबे अरसे से रह रहा हो यानी कि 20 साल 30 साल या 50 साल या इससे भी अधिक समय से वह इस प्रॉपर्टी पर रह रहा है तो क्या वह उसका मालिक बन सकता है या नहीं








सबसे पहले मैं आप लोगों को बताना चाहूंगा कि हमारे कानून में ऐसा कोई भी नियम धारा नहीं है जिसके तहत कोई व्यक्ति किसी प्रॉपर्टी पर लंबे समय से रह रहा हो वह उसका मालिक बन सके लेकिन अक्सर हमने देखा है और सुना है कि किराएदार किसी भी प्रॉपर्टी पर एक लंबे अरसे से रह रहा था और और उसने अपना कब्जा नहीं छोड़ते हुए कोर्ट में केस दाखिल किया और कोर्ट ने उस किराएदार के पक्ष में फैसला सुनाया मतलब कि किराएदार को ही उस प्रॉपर्टी का मालिक ठहरा दिया गया हमारी कानून में एक सिंपल सा रूल है कि अगर एक किरायेदार किसी प्रॉपर्टी पर किरायेदार की हैसियत से रह रहा है तो वह एक किरायेदार ही रहेगा उस प्रॉपर्टी का कभी मालिक नहीं बन सकता चाहे वह व्यक्ति उस प्रॉपर्टी पर 20 40 50 साल इससे भी अधिक साल से  क्यों ना रह रहा हो मालिक बनने के लिए उस बंदे को वह प्रॉपर्टी खरीदनी पड़ेगी ऐसे बहुत सारे केसों में कोर्ट ने यह क्लियर किया है कि कोई किराएदार कितने भी अरसे   से किसी भी प्रॉपर्टी पर क्यों ना रह रहा हो वह उसका कभी मालिक नहीं बनता है







लेकिन मैंने आप लोगों को पहले ऊपर बताया कि कई बार कोई व्यक्ति किसी प्रॉपर्टी पर एक लंबे अरसे से रह रहा हो और उस प्रॉपर्टी का मालिक बनने के लिए उसमें कोर्ट में उसने केस चलाया और कोर्ट ने उस किराएदार के पक्ष में फैसला देते हुए उस प्रॉपर्टी का उस किराएदार को मालिक ठहरा दिया गया

दोस्तों यहां पर मैं आप लोगों को एक चीज क्लियर बताना चाहूंगा यह कारण नहीं होता है कि वह  बंदा उस प्रॉपर्टी पर एक लंबे अरसे से रह रहा था इसलिए कोर्ट ने उसके पक्ष में फैसला दिया कारण और भी बहुत सारे होते हैं और यह धारणा बिलकुल गलत है कि वह बंदा एक लंबे अरसे से उस प्रॉपर्टी पर रह रहा था इसलिए कोर्ट ने उसके पक्ष में फैसला सुनाया किराएदार के पक्ष में कोर्ट के द्वारा फैसला सुनाने का  मेन कारण होता है कि मकान मालिक की लापरवाही जिसके चलते वह अपनी प्रॉपर्टी से हाथ धो बैठता है

अगर आप भी एक प्रॉपर्टी के मालिक हो अगर आपने भी अपनी प्रॉपर्टी को किराए पर दे रखा है तो ऐसा आप क्या कर सकते हो जिसकी मदद से वह किराएदार उस प्रॉपर्टी पर अपना हक ना जमा सके





एक चीज का आप लोगों को हमेशा ध्यान रखना चाहिए अगर आपके पास आपकी प्रॉपर्टी के वैली डॉक्यूमेंट नहीं है तो आपको उस प्रॉपर्टी को कभी भी किराए पर नहीं देना चाहिए क्योंकि अगर आपके पास उस प्रॉपर्टी की वैल्यू डॉक्यूमेंट नहीं है तो वह प्रॉपर्टी गवर्नमेंट की  मानी जाएगी दूसरे नंबर पर उस प्रॉपर्टी पर जिस बंदे का कब्जा होता है वही उसका मालिक माना जाता है हमारे कानून के अनुसार और रही बात डॉक्यूमेंट की तो आप सभी को पता है कि वह तो बनवा लिए जाते हैं

जब भी आप अपनी किसी भी प्रॉपर्टी को किराए पर दें आपको किराएदार से एक एग्रीमेंट करवा लेना चाहिए और उस एग्रीमेंट को कोर्ट में रजिस्ट्रेशन करवा लेना चाहिए है आपको किराए से जुड़ी जिन बातों पर संदेह लगता हो कि यह चीजें भविष्य में आप के खिलाफ जा सकती है उन सारी चीजों को आपको अपने एग्रीमेंट में साफ साफ शब्दों में लिखकर दर्शा देना चाहिए  जैसे कि उदाहरण के तौर पर आप अपनी प्रॉपर्टी को कितने समय के लिए किराएदार को किराए पर दे रहे हो आपने अपनी प्रॉपर्टी का क्या किराया किराएदार से तय किया है आप कब किराया बढ़ा सकते हो आप कितना किराया बढ़ा सकते हो  आप अपनी प्रॉपर्टी को किन हालातों में खाली करवा सकते हो  किराया वसूलने का टाइम पीरियड क्या रहेगा जैसी चीजें आपको अपने रजिस्ट्रेशन में साफ साफ शब्दों में दर्शनी चाहिए

आपका जैसे ही रेंट एग्रीमेंट एक्सपायर हो जाता है तो वैसे ही आपको अपने रेंट एग्रीमेंट को फिर से रिन्यू करवा लेना चाहिए एग्रीमेंट में आपको अपनी शर्तों को फिर से नए सिरे से दर्शाना चाहिए





चलिए अब मैं आप लोगों को बताता हूं कि वह कौन से कारण है जिन कारणों की वजह से एक मकान मालिक अपने किराएदार से कभी भी मकान खाली करवा सकता है


1)अगर पिछले 4 से 6 महीने के अंदर किराएदार ने मकान मालिक को एक बार भी किराया अदा नहीं किया है
किराएदार ने मकान को जानबूझकर कोई नुकसान पहुंचाया हो या फिर आप की प्रॉपर्टी को कुछ नुकसान पहुंचाया हो

2)किराएदार ने मकान में मकान मालिक से बिना पूछे ही कोई नया कंट्रक्शन काम शुरू करवाया हो
किराएदार ने मकान मालिक से बिना पूछे ही मकान का किसी हिस्से को किसी तीसरे बंदे को कब्जा सौंप दिया हो मतलब कि किसी तीसरे व्यक्ति को बसा लिया हो

3)किराएदार आप की प्रॉपर्टी को किराए पर लेने के कारण के अलावा कोई दूसरा ही काम उस प्रॉपर्टी के जरिए कर रहा हो उदाहरण के लिए आपने आपके मकान को एक फैमिली को रहने के लिए दिया हो लेकिन वह किराएदार आप के मकान में रहने की जगह कोई गैर कानूनी काम कर रहा हूं
किराएदार ने अपनी जरूरत के लिए ही मकान का कुछ कंट्रक्शन कर लिया हो

4)किराएदार ने आपसे जिस कारण के लिए आप की प्रॉपर्टी ली हो और पिछले 6 महीने से वह उस प्रॉपर्टी पर कोई भी काम नहीं कर रहा हो
5)मकान मालिक को अपने मकान को रिपेयर करने की आवश्यकता महसूस हो रही हो यह सारे रीजन है जब आप अपने मकान को किसी भी किराएदार से बिना नोटिस के कभी भी  खाली करवा सकते हो
इसके अलावा और बहुत सारे कारण हो सकते हैं जिनकी वजह से आप अपने किराएदार से आप अपना मकान कभी भी खाली करवा सकते हो

अब मैं आप लोगों को बताता हूं कि आपकी मकान को दुकान को या  फिर किसी भी रेंटल प्रॉपर्टी को किराएदार से खाली करवाने की प्रोसेस क्या होती है



सबसे पहले तो आपके पास एक ठोस कारण होना चाहिए आपको अपनी प्रॉपर्टी खाली करवाने के लिए
आपको अपने किराएदार को 1 महीने पहले एक नोटिस देना होता है कि आप 1 महीने के अंदर आप मेरी प्रॉपर्टी को खाली कर दें लेकिन अगर आप की प्रॉपर्टी वह बंदा 1 महीने के अंदर खाली नहीं करता है तो आप इसमें पुलिस की मदद बिल्कुल नहीं ले सकते क्योंकि यह मामला पुलिस के अंडर में नहीं आता है ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर आपको सिविल कोर्ट में केस करना होता है जब आप सिविल कोर्ट में केस करते हो तो आपके एग्रीमेंट के एविडेंस पर कोर्ट अपना फैसला सुनाता


अब आपको पता चल चुका है कि किराएदार कभी भी किसी भी प्रॉपर्टी का मालिक नहीं बन सकता और वह किसी भी प्रॉपर्टी का मालिक ना बने इसलिए आपको क्या-क्या करना चाहिए दोस्तों पोस्ट अच्छी लगे तो शेयर करना ना भूलें अगर आपके पास इस पोस्ट से रिलेटेड कुछ सवाल जवाब भी आपके सुझाव हो तो आप हमें नीचे कमेंट में बता सकते हो हम आपका रिप्लाई करने की जरूर कोशिश करेंगे अगर आपके पास भी ऐसी कुछ इंफॉर्मेशन है तो आप हमें ईमेल के जरिए कांटेक्ट कर सकते हो हम आपकी पोस्ट को अपनी वेबसाइट पर जरूर पब्लिश करेंगे तो पोस्ट पढ़ने के लिए धन्यवाद


Legal Rights of a Landlord in India Reviewed by Rule Breaker on July 29, 2018 Rating: 5

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